:: अ.भा. खंडेलवाल वैश्य महासभा के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन का इंदौर में आगाज, पहले ही दिन 40 रिश्तों पर चर्चा शुरू ::
इंदौर । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में न तो पालकों के पास पर्याप्त समय है और न ही युवाओं के पास। ऐसे दौर में वैवाहिक परिचय सम्मेलन न केवल समय और धन की बचत करते हैं, बल्कि इससे सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और रिश्तों में आत्मीयता भी बढ़ती है। वर्तमान सामाजिक और व्यावसायिक परिस्थितियों में परिचय सम्मेलन अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हर समाज की अनिवार्य जरूरत बन गए हैं।
यह विचार अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेशचंद्र गुप्ता (तुंगावाला) ने शनिवार को व्यक्त किए। वे खण्डेलवाल संस्कृति वूमन्स क्लब एवं संत श्री सुंदरदास पारमार्थिक ट्रस्ट की मेजबानी में, महासभा (जयपुर) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। साउथ तुकोगंज स्थित पंजाब अरोड़वंशीय ट्रस्ट के अरोरा भवन पर आयोजित इस गरिमामय समारोह में समाज के कई वरिष्ठ जन उपस्थित थे।
:: 113 वर्षों से सामाजिक प्रगति के लिए सक्रिय है महासभा ::
समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा संत सुंदरदास, संत बलरामदास, संत कल्याण दास महाराज एवं मां सरस्वती के चित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कट्टा ने कहा कि संस्था गत 113 वर्षों से सामाजिक उन्नति, शैक्षणिक विकास और कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में निरंतर सक्रिय है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समारोह की अध्यक्षता करते हुए सुप्रसिद्ध उद्योगपति मनीष शाहरा ने आयोजकों को इस वृहद और सफल प्रयास के लिए बधाई दी और सभी प्रत्याशियों के सुखद दाम्पत्य भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में प्रख्यात उद्योगपति व समाजसेवी सुरेश शाहरा और श्रीमती आशा विजयवर्गीय ने भी विशेष रूप से उपस्थित होकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
:: मंच पर प्रत्याशियों ने बेबाकी से रखी अपनी पसंद, परिणय बंधन पुस्तिका का विमोचन ::
समारोह के दौरान अतिथियों ने देश-विदेश से आए प्रत्याशियों की प्रविष्टियों से सुसज्जित परिचय पुस्तिका “परिणय बंधन” का विमोचन किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी आगंतुक पालकों और प्रत्याशियों का आत्मीय स्वागत कर उन्हें यह मार्गदर्शिका पुस्तिका भेंट की।
मंच पर पहुंचे 170 प्रत्याशी : देश के विभिन्न राज्यों से आए कुल 300 पंजीकृत प्रत्याशियों में से पहले दिन लगभग 170 युवक-युवतियों ने मंच पर आकर बेहद बेबाकी और आत्मविश्वास के साथ अपना परिचय दिया।
उच्च शिक्षित जीवनसाथी की चाह : परिचय सत्र के दौरान युवाओं ने अपने भावी जीवनसाथी को लेकर अपनी अपेक्षाएं साझा कीं। उच्च शिक्षित युवाओं में कोई अपने समकक्ष आईटी प्रोफेशनल, तो कोई डॉक्टर, इंजीनियर और एमबीए जीवनसाथी की तलाश में नजर आया। कई पालकों ने भी मंच से अपनी बात रखी।
:: पहले ही दिन सफलता की आहट; 40 रिश्तों पर बढ़ी बात ::
शनिवार देर शाम तक चले इस सम्मेलन के अंतिम दौर में उस समय उत्साह का माहौल बन गया, जब करीब 40 संभावित रिश्तों पर दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक और निर्णायक चर्चा शुरू होने की सूचना मिली। आयोजकों को उम्मीद है कि दो दिवसीय आयोजन के समापन (रविवार) तक करीब 75 रिश्तों पर अंतिम मुहर लग सकेगी।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत दिनेश कूलवाल, रमेश गुप्ता, कैलाशचन्द खंडेलवाल, सुनील माली, राजेंद्र कूलवाल और महिला समिति की ओर से श्रीमती शुभांगी भूखमारिया, संगीता कूलवाल, सुनीता राजोरिया, उषा कूलवाल व सारिका खण्डेलवाल ने किया। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में राजेश डंगायच, कैलाश खंडेलवाल, निर्भय खंडेलवाल, संजय बड़गोती और राजेश भूखमारिया सक्रिय रहे।
मंच का कुशल संचालन सीए सुनील खंडेलवाल, प्रियंका खंडेलवाल एवं शीतल गुप्ता ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाशचंद्र खंडेलवाल ने व्यक्त किया। रविवार को सुबह 10 बजे से परिचय सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

