वाटर हार्वेस्टिंग बना जनआंदोलन; इंदौर में दिखने लगा बड़ा बदलाव

इंदौर

:: नगर निगम की 10% संपत्ति कर छूट योजना लाई रंग, महापौर ने खुद किया रीगल क्षेत्र का निरीक्षण ::
इंदौर । स्वच्छता में देश का सिरमौर रहने वाले इंदौर ने अब जल संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंदौर नगर निगम द्वारा वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई 10 प्रतिशत संपत्ति कर छूट योजना का सकारात्मक असर अब पूरे शहर में दिखाई देने लगा है। जागरूक नागरिक अपने घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक परिसरों में तेजी से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कर रहे हैं, जिससे यह सरकारी अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
इस मुहिम की जमीनी हकीकत जानने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वयं मोर्चा संभाला। उन्होंने ज़ोनल अधिकारियों के साथ रीगल चौराहा और आसपास के क्षेत्रों का सघन निरीक्षण कर विभिन्न भवनों में स्थापित प्रणालियों का जायजा लिया। महापौर ने जल संरक्षण को अपनाने वाले नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए अन्य निवासियों से भी मानसून के आगमन से पहले इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
यह त्वरित कदम पिछले ग्रीष्मकाल में उपजे गंभीर पेयजल संकट का एक स्थायी समाधान बनकर उभरा है। पिछले वर्ष गर्मी के दिनों में शहर का भूजल स्तर खतरनाक रूप से गिर गया था, जिससे कई इलाकों में पानी की किल्लत हो गई थी। इस चुनौती से निपटने के लिए नगर निगम ने केवल नियम थोपने के बजाय नागरिकों को आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करने की व्यावहारिक नीति अपनाई।
नगर निगम प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि इस सक्रिय जनभागीदारी से मानसून के दौरान लाखों गैलन वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर रीचार्ज किया जा सकेगा। जनता और प्रशासन का यह साझा प्रयास आने वाले समय में इंदौर के भूजल स्तर को मजबूत करेगा और शहर को भविष्य के जल संकट से पूरी तरह सुरक्षित रखेगा।