इन्दौर रवीन्द्र नाट्य गृह इन्दौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार से सवाल पूछना भी हर नागरिक का संवैधानिक दायित्व है। जब युवा अपने अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और भविष्य को लेकर सवाल पूछते हैं, तभी सरकार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए मजबूर होती है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रियव्रत सिंह, शोभा ओझा,सत्यनारायण पटेल, हिना कांवरे ,अर्चना जायसवाल,आशुतोष चौकसे,चिंटू चौकसे, सोनिला मिमरोट सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेसजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का वीडियो प्रदर्शित किया गया तथा अतिथियों का स्वागत किया गया। अपने संबोधन में जीतू पटवारी ने कहा कि आज भारत जिस दौर से गुजर रहा है, उससे चीन लगभग दो दशक पहले गुज़र चुका था। उसने समय रहते अपनी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए, जिसका परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि भारत में शिक्षा और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय समाज में कट्टरता और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में लगभग एक करोड़ नब्बे लाख युवा बेरोज़गारी की चुनौती से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार के पास इसका कोई ठोस समाधान नहीं है। एक ओर देश को विश्वगुरु बनाने की बातें की जाती हैं और दूसरी ओर युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसरों से वंचित रखा जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में विकसित भारत का सपना कैसे साकार होगा, यह सरकार को बताना चाहिए।
पटवारी ने कहा कि देश के निर्माण में विभिन्न सरकारों का ऐतिहासिक योगदान रहा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने औद्योगिक क्रांति की नींव रखी, श्रीमती इंदिरा गांधी ने हरित क्रांति को आगे बढ़ाया, श्री राजीव गांधी ने सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति और युवाओं को मताधिकार देकर देश को नई दिशा दी, श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सड़क अवसंरचना को मजबूती दी तथा डॉ. मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुधारों के माध्यम से भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि आज जब वर्तमान प्रधानमंत्री से उनकी सरकार की उपलब्धियों पर सवाल पूछे जाते हैं तो जनता को स्पष्ट जवाब नहीं मिलता।
इस अवसर पर प्रियव्रत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों की गूंज अभियान ने देश में युवाओं के मुद्दों को नई पहचान दी है। राहुल गांधी ने युवाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है, इसलिए यह आवश्यक है कि उनकी सोच और ऊर्जा सही दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि यदि देश का समग्र विकास करना है तो नीति निर्माण की प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन आवश्यक है।
फेडरेशन ऑफ वर्ल्ड यूथ अफेयर्स के अध्यक्ष एवं युवा विचारक आर्यमन शुक्ला ने कहा कि भारत की अधिकांश आबादी 30 वर्ष से कम आयु की है, फिर भी राजनीति में युवाओं की भागीदारी लगातार कम हो रही है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारणों को समझना और युवाओं के लिए सकारात्मक एवं लोकतांत्रिक माहौल तैयार करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम में छात्र नेता पहल टेवरे एवं निखिल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन छात्र नेता पहल टेवरे ने किया। कार्यक्रम की प्रमुख आयोजक युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय संयुक्त सचिव सुश्री शांभवी शुक्ला रहीं। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों के मुद्दों पर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

