रोजगार से जोड़नी होगी शिक्षा, उद्योगों की जरूरत के अनुसार बनें पाठ्यक्रम : राज्यपाल

मध्य प्रदेश

:: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर कार्यशाला में बोले पटेल, कौशल और संस्कार आधारित शिक्षा पर जोर ::
भोपाल/इंदौर । विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को अब ऐसे पाठ्यक्रम तैयार करने होंगे, जो विद्यार्थियों को रोजगार और कौशल से जोड़ सकें। स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कोर्स विकसित करने और उद्योग-शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने की जरूरत है। यह बात राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आयोजित कार्यशाला में कही।
आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम : दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन विषयक कार्यशाला में राज्यपाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और मूल्य आधारित शिक्षा ही समाज व राष्ट्र के विकास का आधार है। विकसित भारत के लिए युवाओं को कौशल, रोजगार और संस्कार से जोड़ने वाली शिक्षा जरूरी है।
:: उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार हों नए कोर्स ::
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा संस्थान उद्योगों के साथ मिलकर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करें। शोध, नवाचार और प्लेसमेंट व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य शिक्षा को जीवन, रोजगार, शोध, नवाचार, भारतीय ज्ञान और मानवीय मूल्यों से जोड़ना है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ज्ञान आधारित भारत के निर्माण को गति मिलेगी।
:: नशामुक्त और सशक्त युवा तैयार करना जिम्मेदारी ::
राज्यपाल ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षा जगत की जिम्मेदारी है कि युवाओं को शिक्षित, स्वस्थ, सशक्त और जिम्मेदार नागरिक बनाया जाए। नशामुक्त युवा तैयार करना भी शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का संकल्प युवा शक्ति, ज्ञान, कौशल, नवाचार और जनभागीदारी पर आधारित है। इस दिशा में विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को नई सोच के साथ काम करना होगा।
कार्यशाला का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। राज्यपाल ने प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग और देश के विभिन्न आईआईटी संस्थानों के बीच शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए किए गए सहयोग प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने राज्यपाल का स्वागत किया।