भव्य वाद्य पूजन संपन्न, अफ़ज़ल ख़ान वध का नाट्य रूपांतरण बना मुख्य आकर्षण
धार । आगामी 7 सितंबर को निकलने वाली बाबा धारनाथ की राजसी सवारी के निमित्त प्रतिवर्ष अपनी सेवाएँ प्रदान करने वाला धार जिले का प्रथम शिवगर्जना झांझ, डमरू एवं ध्वज पथक इस वर्ष भी पूरे उत्साह, श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ तैयारियों में जुट गया है। इसी क्रम में समिति द्वारा भव्य वाद्य पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा आगामी उत्सव की संपूर्ण रूपरेखा तय की गई।
समिति द्वारा जानकारी दी गई कि हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी बाबा धारनाथ की राजसी सवारी एवं नगर भ्रमण को अधिक भव्य, अनुशासित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। इस दौरान नगर सज्जा, शस्त्रकला प्रदर्शन, पुनेरी ढोल द्वारा भव्य वादन तथा प्रसादी वितरण जैसे विभिन्न सेवा कार्य किए जाएंगे। वाद्य पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य समस्त वाद्यों के विधिवत पूजन से हुआ। पूजन के पश्चात छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, पराक्रम एवं हिंदवी स्वराज्य की गौरवगाथा का स्मरण करते हुए भव्य शिवगर्जना की गई।
इसके उपरांत छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा अफ़ज़ल ख़ान के वध का सजीव एवं प्रभावशाली नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह में वीर रस का संचार कर दिया। कार्यक्रम के दौरान 51 पुनेरी ढोल, 21 ताशे, 21 डमरू, 21 झांझ, 11 ध्वज एवं 11 शंख की गूंज से संपूर्ण वातावरण शिवमय एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो उठा। कार्यक्रम के दौरान शिवगर्जना समिति के संस्थापक अनुराग सिंह भाटी एवं पूर्व अध्यक्ष पारस यादव द्वारा वर्ष 2026 के आगामी कार्यक्रमों के लिए अध्यक्ष, संयोजक एवं मातृशक्ति प्रमुख का चयन चिट्ठी उछालकर किया गया। चयन प्रक्रिया में आदित्य जाट को अध्यक्ष, प्रिंस राठौड़ को संयोजक तथा ऋषिका जोशी को मातृशक्ति प्रमुख का दायित्व सौंपा गया।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नवदायित्वधारियों का पुष्पमालाओं से स्वागत कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं तथा संगठन को और अधिक सशक्त, अनुशासित एवं सेवा भाव के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उक्त कार्यक्रम की जानकारी करण मालवीय द्वारा दी गई।

