जंतर-मंतर पर खाना बांटने वाले जुनैद पहुंचे रांची, आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से मिले
रांची । झारखंड के रांची में चल रहे जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन में गाजियाबाद के रहने वाले मोहम्मद जुनैद भी पहुंच गए हैं। जुनैद ने रांची पहुंचकर अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान लॉ ग्रेजुएट जुनैद ने छात्रों से बात करते हुए कहा कि प्रार्थना कीजिए कि हम भविष्य में जज बन जाएं। बता दें इससे पहले मोहम्मद जुनैद ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर नीट छात्रों के आंदोलन का भी समर्थन किया था और उन्हें खाना बांटा करते थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रांची पहुंचे जुनैद से छात्रों और पत्रकारों ने बाचतीच में बताया कि हम लॉ ग्रेजुएट हैं। हमारे घर में भैंस की डेयरी है। हमारा ये पुश्तैनी काम है। उन्होंने बताया कि हम जुडिशरी की तैयारी भी कर रहे हैं। आप भगवान से प्रार्थना कीजिए कि हम भविष्य में जज बन जाएं। इस पर बात करने वाले अभ्यर्थी ने कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि जज के सारे एग्जाम पूरी निष्पक्षता के साथ हो और जो लायक हैं वह जज बन जाएं। फिर जुनैद ने कहा- बिल्कुल सही। इसके बाद पानी की बोतलें उठाईं और प्रदर्शनकारी छात्रों में बांटने लगे।
बता दें नीट छात्रों के जंतर-मंतर पर चले प्रदर्शन का मोहम्मद जुनैद ने समर्थन करते हुए फ्री में खाना-पानी बांटा था। नीट छात्रों का आंदोलन खत्म होने के बाद जुनैद के घर यूपी पुलिस पहुंची थी। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि जुनैद तो एक मोबाइल की दुकान चलाते हैं, उन्होंने जंतर मंतर पर जुटे इतने लोगों को कहां से खाना और पानी फ्री में खिलाया, इसका खर्चा कहां से आया था। पुलिस ने जुनैद को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की थी। फिर दबाव के चलते उन्हें छोड़ दिया था।
इधर रांची में चल रहा जेपीएससी-जेएसएससी के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन अब तेज हो गया है। इसमें अब आम जनता और स्कूली बच्चे भी शामिल हो रहे हैं। गुरुवार को छठी कक्षा का 13 साल का छात्र जैद भी आंदोलन में पहुंचा। जैद ने कहा कि मुझे लगता है कि हम सभी छात्र, हम सभी युवा, इस देश, इस सोने की चिड़िया को और आगे ले जाने की पूरी कोशिश करते हैं। चाहे वह आधुनिकीकरण हो, पढ़ाई-लिखाई हो, खेलकूद हो या फिर ढेरों अवसर हों। हम बस इस देश को आगे बढ़ाना चाहते हैं। हम कड़ी मेहनत करते हैं, दिन-रात एक कर देते हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। उसके बाद हमें क्या देखने को मिलता है? या तो परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है या फिर परीक्षा ही रद्द कर दी जाती है।
जैद ने सीएम हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा कि मैं सरकार और सीएम सर से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे सभी जरूरतों को पूरा करें और हमारी बात पर ध्यान दें, ताकि भविष्य में हमें ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

