कर्नाटक सीएम ने बेंगलुरु में अमेरिकी कॉन्सुलेट खोलने की मांग दोहराई

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शिवकुमार बोले- भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के लिए राज्य सरकार देगी ‘सबसे अच्छी जगह’
-कर्नाटक में 1,000 से ज्यादा अमेरिकी कंपनियां
बेंगलुरु । कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में पूर्ण अमेरिकी कॉन्सुलेट खोलने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु की तेजी से बढ़ती वैश्विक पहचान और भारत की आर्थिक प्रगति में शहर की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यहां अमेरिकी कॉन्सुलेट की जरूरत है। राज्य सरकार इसके लिए कर्नाटक में सबसे अच्छी जगह उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
सीएम शिवकुमार ने यह बात बेंगलुरु में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बेंगलुरु लंबे समय से वैश्विक तकनीक, स्टार्टअप और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु में पूर्ण अमेरिकी कॉन्सुलेट की स्थापना से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क को और बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने इस दिशा में राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
कर्नाटक में 1,000 से ज्यादा अमेरिकी कंपनियां
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कर्नाटक में अमेरिकी कंपनियों की मौजूदगी को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 1,000 से ज्यादा अमेरिकी कंपनियां काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, दुनिया में बहुत कम ऐसे स्थान हैं, जहां इतनी बड़ी संख्या में अमेरिकी कंपनियां मौजूद हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। बेंगलुरु को भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में भी जाना जाता है और यहां बड़ी संख्या में वैश्विक तकनीकी कंपनियां तथा स्टार्टअप सक्रिय हैं। ऐसे में अमेरिकी कॉन्सुलेट की मांग को भारत-अमेरिका आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को स्थानीय स्तर पर और मजबूत करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।