:: छिंदवाड़ा से जन विश्वास अभियान की शुरुआत, योजनाओं की हकीकत जानेंगे अधिकारी ::
छिंदवाड़ा । सुशासन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक व्यवस्था में नई पहल की घोषणा की है। अब प्रत्येक शुक्रवार को अधिकारी-कर्मचारी दफ्तरों में बैठकों के बजाय जनता के बीच पहुंचकर शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानेंगे। छिंदवाड़ा से शुरू मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को उन्होंने सुशासन की दिशा में मील का पत्थर बताया।
छिंदवाड़ा के एफडीडीआई ऑडिटोरियम में आयोजित अधिकारी-कर्मचारी अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। इसके लिए अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा। अभियान आगामी 7 जनवरी 2027 तक चलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज को धरातल पर उतारने और सुशासन स्थापित करने में अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक पहुंच रहा है और मध्यप्रदेश सरकार भी गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के हित में लगातार काम कर रही है।
:: दो लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी ::
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उच्च शिक्षा विभाग में 7 हजार से अधिक व्याख्याताओं की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने विभिन्न विभागों में 17 हजार पदों पर भर्ती के लिए सूचना जारी की है। बीते ढाई वर्षों में एक लाख पदों पर भर्ती हो चुकी है और अब दो लाख नए पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
:: सितंबर-अक्टूबर में पूरी होगी पदोन्नति ::
डॉ. यादव ने कहा कि वर्षों से लंबित अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को गति दी गई है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शेष कर्मचारियों को भी सितंबर-अक्टूबर तक पदोन्नति का लाभ दिया जाएगा। छिंदवाड़ा जिले में 1281 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आठ नव नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

