नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर देश के युवाओं और छात्र-छात्राओं के साहस की सराहना की है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की और यह संघर्ष शांति, संयम, प्रेम और हास्य के साथ लड़ा। राहुल गांधी ने करीब साढ़े दस मिनट का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे नीट प्रदर्शन में शामिल रहे छात्रों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। छात्रों ने बातचीत के दौरान पुलिस कार्रवाई, कथित लाठीचार्ज और हिरासत से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उनका आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बर्बरता की और कई छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया। कुछ छात्रों ने पैलेट गन के इस्तेमाल का भी दावा किया और गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं बताईं।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही और आतंकवादी कहा गया, कई लोगों को घंटों तक हिरासत में रखा गया और उनके मोबाइल फोन ले लिए गए। कुछ छात्राओं ने सोशल मीडिया पर तस्वीरों और वीडियो के गलत इस्तेमाल तथा मानसिक प्रताड़ना का आरोप भी लगाया।
छात्रों ने दावा किया कि कुछ लड़कियों को कैमरे के सामने माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया, जबकि उन्होंने कोई गलती नहीं की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब माफी स्वेच्छा से नहीं मांगी गई थी तो उसे स्वीकार करने का क्या औचित्य था। छात्रों ने पूरी घटना को दिखावा करार दिया।
राहुल गांधी ने विशेष रूप से छात्राओं के संघर्ष और हिम्मत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों, कथित बदसलूकी, धमकियों और दबाव के बावजूद लड़कियों का हौसला नहीं टूटा है। उनका कहना है कि देश की बेटियों की आवाज अब दबाई नहीं जा सकेगी। राहुल गांधी ने बताया कि 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विशेष रूप से लड़कियों के लिए होगा, जहां वे खुलकर अपनी बात रखेंगी। उन्होंने युवाओं और आम लोगों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है। इसके लिए पोस्ट में रजिस्ट्रेशन की जानकारी और क्यूआर कोड भी साझा किया गया है।

