पन्नालाल शाक्य की विवादित टिप्पणी से गर्म हुई गुना की राजनीति, पार्टी विधायक ने ही खोला मोर्चा महिलाओं पर बयान को लेकर मंच पर ही भिड़े भाजपा के दो विधायक, प्रियंका पैंची ने जताया विरोध तो पन्नालाल शाक्य बोले- ‘हमने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं’ बलराम कृषि महोत्सव में गुना विधायक के बयान पर मचा बवाल, चांचौड़ा विधायक ने इसे बताया महिला विरोधी; मंच से ही दोनों के बीच हुई तीखी नोकझोंक
गुना नानाखेड़ी मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 का मंच उस समय अचानक सियासी अखाड़े में बदल गया, जब गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के महिलाओं से जुड़े उदाहरणों पर चांचौड़ा विधायक प्रियंका पैंची ने मंच पर खड़े होकर ही आपत्ति जता दी। विधायक शाक्य के बयान को महिला विरोधी बताते हुए प्रियंका पैंची ने विरोध दर्ज कराया। इस पर दोनों विधायकों के बीच मंच पर ही तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। विधायक शाक्य ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें पता है कि कहां क्या हुआ है। इसके बाद उन्होंने चांचौड़ा विधायक से बैठने के लिए कहा। मंच पर हुए इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, जिला प्रशासन द्वारा नानाखेड़ी मंडी परिसर में बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वर्चुअली जुड़े थे। मंच से संबोधन के दौरान गुना विधायक पन्नालाल शाक्य किसानों और खेती से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से खाद और बिजली जैसे मुद्दों पर किसानों की आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे किसानों की मानसिकता में बदलाव आया है।
इसी दौरान विधायक शाक्य ने कार्यक्रम में बज रहे देशभक्ति गीत का जिक्र करते हुए कहा कि केवल ‘जान देने’ की बात करने के बजाय ऐसी मानसिकता पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश और समाज के सामने खड़ी परिस्थितियों को समझने की आवश्यकता है। इसके बाद उनका संबोधन अचानक धार्मिक और ऐतिहासिक उदाहरणों की ओर मुड़ गया।
रामायण से महाभारत तक महिलाओं को लेकर दिए उदाहरण
विधायक शाक्य ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण द्वारा सीता का हरण किए जाने के बाद हुए युद्ध में सर्वनाश पुरुषों का हुआ। उन्होंने कहा कि रावण को उसके भाई सहित कई लोगों ने समझाया था कि पराई स्त्री को लाना विनाश का कारण बनेगा। इसी तरह उन्होंने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि एक महिला यानी पांचाली के कारण करोड़ों पुरुष मारे गए।
इसके बाद विधायक ने पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि संयोगिता के प्रसंग में पृथ्वीराज चौहान के कई सामंतों के मारे जाने की बात सामने आती है। विधायक का तर्क था कि इतिहास के इन प्रसंगों को समझने की जरूरत है और युद्धों में बड़ी संख्या में पुरुषों की जान गई। इसी दौरान मंच पर मौजूद चांचौड़ा की भाजपा विधायक प्रियंका पैंची ने खड़े होकर विधायक शाक्य के कथन पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक और महिला विरोधी टिप्पणी बताया। मंच पर अचानक दोनों विधायकों के बीच संवाद तीखा हो गया और कार्यक्रम में मौजूद लोग कुछ क्षणों के लिए असहज नजर आए।
प्रियंका बोलीं- यह महिलाओं का अपमान, शाक्य ने कहा- ‘आप बैठ जाएं’
विरोध के बाद गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं और उन्हें मालूम है कि कहां क्या हुआ है। उन्होंने चांचौड़ा विधायक से बैठने के लिए कहा। दोनों विधायकों के बीच मंच से हुई इस बहस ने कार्यक्रम के मूल उद्देश्य से इतर राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया। कार्यक्रम में विधायक शाक्य ने भारत भूमि, खेती और किसानों के प्रति सम्मान की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर खेती कर अन्न पैदा किया जा रहा है, उसके प्रति भी गौरव और सम्मान का भाव होना चाहिए।
बलराम कृषि महोत्सव जैसे कृषि केंद्रित कार्यक्रम में दो भाजपा विधायकों के बीच मंच पर हुई यह बहस अब चर्चा का विषय बन गई है। खासतौर पर महिलाओं को लेकर दिए गए ऐतिहासिक और धार्मिक उदाहरणों तथा उनके विरोध में महिला विधायक द्वारा तत्काल मंच से जताई गई आपत्ति ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक चर्चित बना दिया है। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

