डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से बदलेगी देश की रफ्तार, गुजरात को मिली रु. 30,700 करोड़ की रेल सौगात

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न्यू साणंद–न्यू मकरपुरा के बीच फ्रेट ट्रेन सेवा शुरू, 2,800 किमी से अधिक लंबा डीएफसी प्रोजेक्ट पूरा

  • बुलेट ट्रेन की राह भी तेज, वडोदरा से मुंबई की दूरी महज डेढ़ घंटे में तय करने का लक्ष्य
    वडोदरा | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गुजरात में रु. 30,700 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न रेल परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं राष्ट्र को समर्पण किया। इस अवसर पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ-साथ चार फ्रेट ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इनमें टांडा रोड–वडोदरा (प्रतापनगर) ट्रेन सेवा भी शामिल है।
    इसी क्रम में न्यू साणंद (नॉर्थ) जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से न्यू साणंद (नॉर्थ) से न्यू मकरपुरा के लिए फ्रेट ट्रेन सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर साणंद क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अहमदाबाद मंडल एवं डीएफसीसीआईएल के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे और इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साक्षी बने।
  • डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से देश के परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव
    इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं और आज 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। उन्होंने इसे 21वीं सदी के भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश के व्यापार और कारोबार का मुख्य आधार बन रहे हैं।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तेजी से विकसित होते भारत की जीवन रेखा है और इसने देश के ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का कायाकल्प कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले जिस ट्रैक पर यात्री ट्रेनें चलती थीं, उसी ट्रैक पर मालगाड़ियां भी संचालित होती थीं। इससे यात्री और माल परिवहन दोनों प्रभावित होते थे। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने इस व्यवस्था को बदल दिया है।
    आज पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर प्रतिदिन 430 से अधिक मालगाड़ियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री जी ने बताया कि पहले मालगाड़ी को 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग साढ़े छह घंटे लगते थे, जबकि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से यही दूरी अब आधे से भी कम समय में तय की जा सकेगी।
    उन्होंने कहा कि जिस दूरी को ट्रक से तय करने में सामान्यतः लगभग 30 घंटे लगते हैं, वही दूरी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाड़ी द्वारा लगभग 10 से 12 घंटे में पूरी की जा सकती है। इससे ईंधन की बचत, परिवहन लागत में कमी, समय की बचत और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक लाभ प्राप्त हो रहे हैं।
  • भारतीय रेलवे को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
    इस अवसर पर रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे के ऑपरेटिंग सिस्टम, रिजर्वेशन सिस्टम, पुराने मैनुअल्स तथा निर्माण व्यवस्था में व्यापक सुधार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
    उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे की आवश्यकताओं के अनुरूप नई डिजाइन के वैगन तैयार किए जा रहे हैं। नमक जैसे विभिन्न प्रकार के माल के परिवहन के लिए विशेष डिजाइन के वैगन तैयार किए जा रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करते हैं।
    रेल मंत्री ने कहा कि चेनाब ब्रिज, मिजोरम को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने सहित कई लंबे समय से लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब पूरी हो चुकी हैं। इससे देश के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल रही है।
  • बुलेट ट्रेन परियोजना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत
    अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन का इंतजार भी अब जल्द समाप्त होने वाला है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और सूरत से वापी सेक्शन का निर्माण इस वर्ष दिसंबर तक पूरा होने की दिशा में है।
    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के अनुरूप भारत में ही बुलेट ट्रेन का निर्माण किया जा रहा है। भारत में निर्मित होने वाली बुलेट ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम तैयार होकर परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है।
    उन्होंने कहा कि अगले वर्ष मई-जून तक भारत में निर्मित बुलेट ट्रेन को परीक्षण के लिए पटरियों पर लाने का लक्ष्य है। परीक्षण के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से गुजरात और महाराष्ट्र के बीच यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
    रेल मंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन के परिचालन के बाद वडोदरा से मुंबई की दूरी लगभग डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी, जो गुजरात के नागरिकों के लिए तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय परिवहन सुविधा का नया अध्याय होगा।
  • 2047 के विकसित भारत की मजबूत नींव रख रहा आधुनिक रेलवे
    अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे आज उस भविष्य की नींव रख रहा है, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के लिए की है। उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति, व्यापार, उद्योग, रोजगार और विकास की मजबूत आधारशिला है। आज किए जा रहे निवेश और आधुनिकीकरण का लाभ आने वाली कई पीढ़ियों को मिलेगा।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे नए भारत, उज्ज्वल भारत और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
    इस ऐतिहासिक अवसर पर अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश के रेलवे क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन भारत के भविष्य को नई गति और नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।