उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को महाकाल महालोक में आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन को 173 करोड़ रुपये के 15 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 12 कार्यों का भूमिपूजन और तीन कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवंतिका का वैभव और व्यापारिक पहचान सदियों से इसकी गौरवगाथा का हिस्सा रही है। उज्जैनवासी आज भी शहर के विकास और सौंदर्यीकरण में स्वैच्छिक योगदान दे रहे हैं।
भूमिपूजन वाले कार्यों में नगर निगम के आठ प्रमुख कार्य शामिल हैं। इनमें गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग, श्री महाकाल मंदिर परिसर का विकास और क्षिप्रा नदी के घाटों का जीर्णोद्धार प्रमुख हैं। स्मार्ट सिटी द्वारा महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केपिंग, पुलिस विभाग के चिंतामण-जवासिया में पुलिस आवास और उन्हेल थाना भवन तथा पर्यटन विभाग के 45 नगरीय वन विकास कार्य भी शामिल हैं। इनकी कुल लागत 153.31 करोड़ रुपये है।
लोकार्पित कार्यों में नीलगंगा और उन्हेल में पुलिस आवास व थाना भवन तथा बड़नगर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र शामिल हैं। इनकी लागत 19.56 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन को जल्द मेट्रो की सौगात मिलेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर-भोपाल-जबलपुर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन और टेलीकॉम सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेश में नगरीय, अंतरनगरीय और अंतरराज्यीय बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उज्जैन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए 10 पीएम ई-बस सेवाएं शुरू की गई हैं।

