महेश्वर नगर परिषद के बदलाव आदेश को किया निरस्त
इन्दौर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान सोशल साइट्स पर वायरल हुई महेश्वर निवासी युवती मोनालिसा के जन्म प्रमाण-पत्र में किए गए बदलाव को चुनौती देते हुए दायर याचिका पर सुनवाई उपरांत महेश्वर नगर परिषद द्वारा 31 मार्च 2026 को मोनालिसा के जन्मतिथि में सुधार संबंधी जारी आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि जन्मतिथि में बदलाव से युवती के हित प्रभावित होंगे, परन्तु उसे इस मामले में सुनवाई का अवसर ही नहीं दिया गया। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरित है।
ज्ञात हो कि मोनालिसा के प्रयागराज कुंभ में माला बेचने केस फोटो और विडियो सोशल साइट्स पर वायरल होने के बाद उसने फिल्म केस खबर मिले और वह केरल चली गई थी। केरल में मोनालिसा ने एक मुस्लिम युवक से मंदिर में शादी की उसके बाद उसकी उम्र को लेकर यह विवाद उस समय उठा जब उसके अभिभावकों ने उसके पति के खिलाफ पाक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कराई और उम्र के प्रमाण स्वरूप महेश्वर नगर परिषद कार्यालय द्वारा संशोधित जन्म प्रमाणपत्र पेश किया जिसे चुनौती देते मोनालिसा और उसके पति की ओर से हाइकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें कोर्ट को बताया गया कि मोनालिसा के माता-पिता ने 30 मई 2025 को नगर परिषद कार्यालय में आवेदन देकर उसकी जन्मतिथि एक जनवरी 2008 बताते हुए जन्म प्रमाण-पत्र जारी करने का मांग की थी। पांच जून 2025 को उसकी जन्मतिथि एक जनवरी 2008 दर्ज करते हुए परिषद ने जन्म प्रमाण-पत्र जारी कर दिया। इस प्रमाण-पत्र के हिसाब से वह एक जनवरी 2026 को वयस्क हो गई और उसने 11 मार्च 2026 को अपनी पसंद से विवाह कर लिया। इसके बाद उसके पिता ने परिषद को उसकी जन्मतिथि में सुधार के लिए एक आवेदन प्रस्तुत करते कहा कि बेटी का जन्म सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ था। अस्पताल के रिकॉर्ड में जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है। इस आधार पर परिषद ने युवती के जन्म प्रमाण-पत्र में बदलाव करते हुए जन्मतिथि एक जनवरी 2008 के बजाय 30 दिसंबर 2009 कर दी। इस बदलाव को चुनौती देते हुए कहा कि वर्ष 2015 में जारी आधार कार्ड में उसकी जन्मतिथि एक जनवरी 2008 ही दर्ज है। पैन कार्ड भी इसी जन्मतिथि के हिसाब से जारी हुआ था। परिषद ने उसके जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव से पहले उसका पक्ष भी नहीं सुना। जिसके बाद कोर्ट ने उनकी चुनौती याचिका स्वीकारते हुए महेश्वर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को जारी आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि कहा कि बगैर किसी को सुने उसके प्रमाण पत्र में बदलाव नहीं किया जा सकता। यह प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। कोर्ट ने निर्देश दिए कि युवती के पिता द्वारा जन्मतिथि में सुधार के लिए दिए गए आवेदन पर युवती को सुनवाई का अवसर देकर कानून के प्रविधानों के अनुसार नए सिरे से निर्णय लें। संबंधित को सुने बिना उसकी जन्मतिथि में इस तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता।
ज्ञात हो कि मोनालिसा ने एक मुस्लिम युवक से शादी की है उसको लेकर भी उसके अभिभावकों और अन्य द्वारा इन्दौर और केरल कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई है जिसमें सुनवाई लंबित है। यह निर्णय उसके और उसके पति द्वारा उसके जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई उपरांत कोर्ट ने दिया इसका अन्य याचिकाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

