नई दिल्ली । शराब के शौकिन लोगों का मानना हैं कि रात में शराब पीने के बाद सुबह कड़ी कसरत करने से फैटी लिवर का खतरा खत्म हो जाएगा, लेकिन विशेषज्ञों की माने तो यह धारणा सही नहीं है। एक्सपर्ट के अनुसार, एक्सरसाइज सेहत के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे शराब से होने वाले नुकसान की भरपाई का तरीका नहीं माना जा सकता। रात में शराब पीने के बाद अगली सुबह वर्कआउट करने से शराब का असर खत्म नहीं होता और लिवर पर पड़े प्रभाव को भी एक दिन की कसरत से रोका नहीं जा सकता।
शराब शरीर में पहुंचने के बाद मुख्य रूप से लिवर में प्रोसेस होती है। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से या अधिक मात्रा में शराब का सेवन करता है, तो लिवर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ सकता है। समय के साथ यह स्थिति लिवर में सूजन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। शराब पीने के बाद ज्यादा पानी पीने या पसीना बहाने से भी शराब शरीर से तेजी से बाहर नहीं निकलती। फैटी लिवर का कारण केवल शराब ही नहीं है। मोटापा, डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस और कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड का असामान्य स्तर भी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति में ये समस्याएं मौजूद हैं और वह शराब का सेवन भी करता है, तो लिवर से जुड़ी परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है।
शराब पीने के बाद होने वाले हैंगओवर के दौरान भारी एक्सरसाइज करने से भी बचना चाहिए। शराब के सेवन के बाद कई लोगों को कमजोरी, थकान, चक्कर और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे समय में शरीर को पर्याप्त आराम देना, पानी पीना और सामान्य स्थिति में लौटने पर नियमित शारीरिक गतिविधि करना ज्यादा उचित माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लिवर को स्वस्थ रखने के लिए शराब का सेवन कम करना, संतुलित आहार लेना और नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखना महत्वपूर्ण है। कुछ लोगों के लिए शराब की मात्रा और सेवन की आवृत्ति सीमित रखने के लिए ‘2-2-2’ नियम का सुझाव दिया जाता है, जिसमें एक बार में दो से अधिक ड्रिंक न लेने, सप्ताह में दो दिन से अधिक शराब न पीने और लगातार दो दिन शराब न पीने की बात कही गई है।
सुदामा/ईएमएस 03 अक्टूबर 2026

