शो यादें में डॉ. देव (इक़बाल खान) की ज़िंदगी एक कठिन मोड़ पर पहुँच जाती है। डॉ. सृष्टि के साथ बहस के बाद, वह किलारी गाँव छोड़कर मुंबई लौटने का फैसला कर लेती है, जिससे डॉ. देव अपने परिवार को खोने की आशंका से परेशान हो जाते हैं। लेकिन, कल्लारी आरोग्य केंद्र में डॉ. देव के सामने एक बेहद महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी है। अपना मेडिकल लाइसेंस बनाए रखने के लिए उन्हें 15 दिनों के भीतर कल्लारी आरोग्य केंद्र में 50 मरीजों का पंजीकरण करना होगा। जब उनकी निजी ज़िंदगी पहले से ही उथल पुथल से गुजर रही है, डॉ. देव अब खुद को अपने परिवार को बचाने और उस पेशे की रक्षा करने के संघर्ष के बीच फँसा हुआ पाते हैं, जिसे उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया है।

