शो हस्तिनापुर के वीर में एक नया किरदार राधे (व्यंकटेश पांडे) शामिल हुआ है। दूसरों की मदद करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति उसे सबसे अलग बनाती है। राधे का दयालु स्वभाव तब सामने आता है, जब वह गाँव की एक महिला को अपने छोटे बच्चे को भोजन खिलाने के लिए संघर्ष करते हुए देखता है। बिना एक भी पल गँवाए, राधे अपने परिवार के दीपक के लिए रखा गया घी उसे दे देता है, क्योंकि उसका मानना है कि भूखे बच्चे को भोजन कराना अधिक महत्वपूर्ण है। उसकी दयालुता यहीं नहीं रुकती। जब एक घायल घोड़े को बेकार समझकर छोड़ देने की तैयारी की जाती है, तब राधे उसकी देखभाल करता है, उसे स्वस्थ बनाता है और परिवार के सदस्य की तरह अपनाता है। राधे की दयालुता उसे ‘दानवीर कर्ण’ का नाम दिलवाती है

