मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए
कोलकाता । प्रश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भीषण भगदड़ के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है, जिसमें 19 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। मरने वालों में 13 महिलाएं शामिल हैं, और हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। भगदड़ के मद्देनजर, कोलकाता पुलिस ने चोरबागान पंडाल के आसपास और उत्तर व मध्य कोलकाता के कुछ सटे इलाकों में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत कार्यक्रम स्थल के पास सड़कों पर लोगों के एकत्रित होने पर पूरी तरह से रोक है। यह प्रतिबंध 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा।
पश्चिम बंगाल के अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लेकर बताया कि हालात पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। स्वयं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं और जल्द ही उच्चस्तरीय बैठक करने वाले हैं। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल को सील किया गया है, जहां फोरेंसिक टीम, पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं। पुलिस और अग्निशमन अधिकारी अब दूसरे दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा-व्यवस्था की जांच कर रहे हैं ताकि ऐसी घटना फिर न हो।
मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है। एक अधिकारी ने बताया कि लापरवाही सामने आने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस दर्दनाक घटना पर सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों में महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे अधिक है, जो घटना की भयावहता को दिखाता है। सुवेंदु सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे और एक सरकारी नौकरी का ऐलान किया है। वहीं, घायलों को मुफ्त इलाज के साथ 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री ने भी मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक मुआवजे का ऐलान किया है, जिससे पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिल सके।

