कार्बाइड गन-लैंप और अवैध पटाखों पर सख्ती, मिलावटी मावा-मिठाई रोकने के निर्देश ::
भोपाल/इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी त्योहारों और सामाजिक-धार्मिक मेलों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी जिले में विषम परिस्थिति बनने पर कलेक्टर और एसपी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कार्बाइड गन-लैंप के इस्तेमाल पर रोक लगाने, अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण पर निगरानी रखने तथा मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा।
बुधवार को मंत्रालय से कलेक्टर्स, संभागायुक्तों, एसपी और आईजी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित पुलिस गश्त और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
:: कार्बाइड गन-लैंप से हादसों का खतरा ::
मुख्यमंत्री ने कार्बाइड गन और लैंप के इस्तेमाल पर सख्ती से अंकुश लगाने को कहा। कैल्शियम कार्बाइड के पानी के संपर्क में आने से बनने वाली एसीटिलीन गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है। इससे विस्फोट होने पर आंखों, चेहरे और त्वचा को गंभीर चोट लग सकती है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग वर्ष 2025 में एडवाइजरी जारी कर चुका है।
:: पटाखों की दुकानों का होगा सत्यापन ::
पटाखों की दुकानों में लाइसेंस की शर्तों का पालन कराने, भौतिक सत्यापन करने और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री, भंडारण व उपयोग रोकने के निर्देश दिए गए। अवैध विस्फोटक भंडारण मिलने पर वैधानिक कार्रवाई होगी। संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस और प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध रखने तथा अस्पतालों को अलर्ट करने को भी कहा गया। मुख्यमंत्री ने छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशान नहीं करने की हिदायत दी।
:: मिलावट के 42 मामलों में एफआईआर, 17 लाइसेंस निलंबित ::
मुख्यमंत्री ने त्योहारों में नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच तेज करने को कहा। बैठक में विभाग ने बताया कि अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 42 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई हैं।
उन्होंने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेने, जरूरत पड़ने पर ही जब्ती करने और अस्वच्छ स्थानों पर खाद्य पदार्थ बनाने या बेचने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जांच के नाम पर कारोबारियों को अनावश्यक परेशान नहीं करने को कहा।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इंदौर से संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार, आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य एवं नवजीवन पंवार और पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। संभागायुक्त और कलेक्टर ने जिले की तैयारियों की जानकारी दी।

