बदनसीब

वह ग़रीब था ; इसलिए – बदनसीब था । यूं तो खैर था । पर –…

ग़ज़ल 

मत कहो कुछ रोज़ का मेहमान है  इस धरा पर आदमी की शान है आदमीं दिखता…

यह टूटा आदमी 

   कुंठा के कांधे पर    उजड़ी मुस्कान धरे     हर क्षण श्मशान के    द्वार खड़ा आह भरे     यह…

दिखाने में लगे हैं

पुराने खास नामों को मिटाने में लगे हैं बरसों में मिली कुर्सी को जमाने में लगे…

   गीत        

सावन लेकर आना गीत मुहोब्बत के। झोली भर ले जाना गीत मुहोब्बत के। बारिश के आभूषण…

#प्रेम#निशानी#रामसेतु#

कब कहा हमने तुमसे की दिखा दो  हमें ताजमहल| लाखों में आते हैं यात्री है वह…

संजीव-नी।

ग़ुज़री तमाम उम्र उसी शहर में कोई जानता न था वाक़िफ़ सभी थे,पर कोई पहचानता न…

A Different Existence

Had tiny eyes and crooked fingers This is from when the world was asleep for me…

अहिल्या के अनुत्तरित प्रश्न

हे राम ! बताओ मुझको….. सदियों  तक  मैं  क्यों  पाषाण  रही ? था कैसा पाप?जिससे मैं…

ज़ुबां से नहीं आंखों से कह गया कोई ,

ज़ख्मे दिल मुझको ये दे गया कोई , दिल से न जाने क्या कह गया कोई, …