दल-दल पार्टी का भूत

भूतों से बात होती है मेरी। भूतों ने साफ मना कर दिया कि इस भरी ठंड…

दावत

जबसे सरकार ने सामूहिक प्रसंगों पर कौड़ा चलाया हैं, निमंत्रको की संख्या घटादी हैं मुझे कही…

झटका मुर्दा और हलाली मुर्दे

इधर आजकल मरने वाले लोग बहुत ढीठ हो गए हैं। वे बिना अस्पताल जाए सीधे ही…

महामारी के सामने मत-वाली हँसी….!!

चौराहों पर आदमकद विज्ञापनों में वे जब हँसते है। तो जनता जनार्दन असमंजस में पड़ जाती…

मोक्षधाम तक!

           अल सवेरे त्रिपाठी जी नींद से जागे ही थे कि दुबेजी के फोन ने उन्हें हिला…

शादियों में चालाकी फरमाइए!

वैसे तो आप कोई कम चालाक नहीं है हुजूर! फिर भी शादी समारोह में सम्मिलित होने…

शव पर पड़े मुरमुरे

डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’, मो. नं. 73 8657 8657 इधर कुछ दिनों से हमारे दिमाग…

थोथा-जीवी तथा भीड़जीवीयो का संघर्ष”

            ……..अरविंद विद्रोही                                     लोकतांत्रिक व्यवस्था की सेहत और विकास के लिएआवश्यक शर्त है विरोध पक्ष का सत्ता…

‘तेरे द्वार खड़ी……..न मांगे सोना चांदी’*

टांगे सलामत, हाथ मजबूत, कोरोना में परीक्षा पास । फिर भी निठल्ले, निकम्में, घर में बैठकर…

ओमिक्रान से साक्षातकार-

 ‘कां रे ऊमीजान ! तू मालवा में कई करवा आयो?’ ‘म्हारो नाम मत बिगाड़ो दादा !…