कभी गांधी जी ब्रिटिश जज के सामने खड़े थे और आज ब्रिटिश पीएम उनके सामने

अहमदाबाद | यह अजीब इत्तफाक है कि वर्ष 1922 में महात्मा गांधी ब्रिटिश जज के सामने खड़े हुआ करते थे और आज ब्रिटिश के प्रधानमंत्री उनकी प्रतिमा के सामने खड़े हैं| भारत दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन ने आज अहमदाबाद स्थित गांधी आश्रम में गांधी जी की प्रतिमा पर सूताजंलि अर्पण की| आज 100 साल पहले 1922 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ यंग इंडिया में तीन लेख लिखने के मामले में गांधी जी के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था| मामले की सुनवाई के दौरान गांधी जी ब्रिटिश सेशन्स जज बूमफिल्ड के समक्ष खड़े थे| इस मामले में गांधी जी को दोषी करार देते हुए ब्रिटिश जज ने अहमदाबाद के शाहीबाग के सर्किट हाउस में 6 साल की सजा सुनाई थी| 100 साल बाद 2022 का आज यह वक्त है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष नतमस्तक हैं| बोरिस जॉन्सन भी उन्हीं अंग्रेजों के प्रतिनिधि हैं, जिन्होंने हम पर कई दशकों तक राज किया था और गांधी जी ने उनसे देश आजाद कराने का बीड़ा उठाया| यही वजह है कि आज दुनियाभर के महानुभाव गांधी जी की हिम्मत और अहिंसक लड़ाई के कायल हैं और जब भी गुजरात आते हैं तब अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम पहुंचकर उन्हें याद करने से नहीं भूलते| ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन दो दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं और अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद से की है| गुरुवार की सुबह अहमदाबाद पहुंचे बोरिस जॉन्सन एयरपोर्ट से सीधे साबरमती आश्रम पहुंचे| जॉन्सन ने गांधी जी को सूताजंलि अर्पण की और बाद में चरखा भी चलाया|