बीयू को पिछली बार की तरह फिर मिला बी ग्रेड

-विवि पिछली कमियों को नहीं कर पाया दूर
भोपाल । शहर के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) को पिछली बार की तरह इस बार भी बी ग्रेड मिला है। वहीं राजधानी के महारानी लक्ष्मीबाई कन्या महाविद्यालय (एमएलबी) को ए ग्रेड मिला है। विभिन्न पहलुओं पर नैक टीम ने विवि का मूल्यांकन कर रिपोर्ट जारी कर दी है। जहां एमएलबी को पिछली बार का ग्रेड ए कायम है। वहीं बीयू को भी कुछ ज्यादा नहीं मिल पाया। पिछली बार की तरह बी ग्रेड ही मिला। हालांकि छह माह पहले नवनियुक्त कुलपति प्रो. एसके जैन ए प्लस ग्रेड मिलने के लिए प्रयासरत थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। टीम ने विवि को शोध कार्य, प्रोजेक्ट और पेटेंट कार्यो पर फोकस करने के सुझाव दिए हैं। बीयू के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुलपति प्रो. आरजे राव के कार्यकाल में नैक के लिए तैयारी की गई और सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) गलत भरकर भेजी गई। रिपोर्ट के आधार पर टीम द्वारा तैयार अनुमानित रिपोर्ट और जमीनी हकीकत में अंतर पाया गया था।विद्यार्थियों की संख्या अधिक बताई गई, जबकि टीम जब निरीक्षण करने पहुंची तो संख्या में कमी देख गई।नैक टीम ने निरीक्षण के दौरान ही विवि को कई सुझाव दिए थे।बता दें कि विवि द्वारा जो डाटा दौरे से पहले जमा किया जाता है।उसके आधार पर नैक में 70 प्रतिशत अंक दिए जाते हैं। वहीं 30 प्रतिशत नैक टीम के व्याहारिक दौरे के आधार पर दिए जाते हैं। टीम ने निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने सुझाव दिया कि विवि में परमानेंट फैक्लटी बढ़ाई जाए। लैब में सुधार, लाइब्रेरी का टाइम बढ़ाया जाए, शोध कार्य हो, परिसर में लाइट व सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो। हर डिपार्टमेंट के बच्चों के लिए प्लेसमेंट सुविधा बेहतर हो, प्रैक्टिकल नालेज दी जाए, मेस व प्रापर सैनिटाइजेशन व्यवस्था आदि की व्यवस्था की बात कही थी। बीयू में स्वीकृत शिक्षकाें के 101 पदों में से करीब 55 पद भरे हैं।वहीं शोध और प्लेसमेंट के मामले में भी पीछे है।वहीं छात्रावास में साफ-सफाई और सुरक्षा की भी कमी है।11 व 12 नवंबर 2022 को टीम एमएलबी निरीक्षण करने आई थी। 15 नवंबर 2022 को बी प्लस ग्रेड मिला था।0.02 से पूर्व प्राचार्य ममता चंसौरिया ने बेंगलुरु स्थित नैक काउंसिल में नौ फरवरी को अपील लगाई थी।2015 में भी ए ग्रेड मिला था।ममता चंसौरिया ने 28 फरवरी को वीआरएस ले लिया था, लेकिन वे इस ग्रेडिंग से काफी खुश है। उन्होंने बताया कि इस महाविद्यालय में 2015 के बाद अब काफी बदलाव हुआ है। छात्राओं की संख्या लगभग दोगुनी हुई है। इसके अलावा भवन व फैकल्टी की भी अच्छी सुविधा है। इसके बावजूद बी प्लस ग्रेड मिलने से अचंभित थीं। इस कारण अपील लगाई थीं, लेकिन अब संतुष्ट हैं। इस बारे में बीयू के कुलपति प्रो. एसके जैन का कहना है कि अपने कार्यकाल के दौरान बीयू में नैक टीम ने जो सुझाव व निर्देश दिए हैं।उस पर काम करेंगे। इस बार उच्च ग्रेड में आने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।