:: 50 से अधिक मंचों से होगा स्वागत, वृंदावन से आएगी भगवान जगन्नाथ की पोशाक और फूलों से सजेगा रथ; देश-विदेश के संत होंगे शामिल ::
इंदौर । भगवान जगन्नाथ की भक्ति का भव्य उत्सव 19 जुलाई को इंदौर में नजर आएगा। इस्कॉन मंदिर इंदौर की पारंपरिक जगन्नाथ रथयात्रा रविवार दोपहर 2 बजे अन्नपूर्णा मंदिर से निकलेगी और राजबाड़ा स्थित गोपाल मंदिर पहुंचेगी। यात्रा के स्वागत के लिए शहर के धार्मिक, सामाजिक संगठनों और वैश्य समाजों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रा मार्ग में 50 से अधिक स्वागत मंच लगाए जाएंगे, जहां पुष्पवर्षा, प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं की सेवा की जाएगी।
रथयात्रा को इस बार विशेष स्वरूप दिया जा रहा है। भगवान जगन्नाथ की विशेष पोशाक वृंदावन से मंगाई जा रही है, वहीं रथ को वृंदावन के फूलों से सजाया जाएगा। इस्कॉन से जुड़े देश-विदेश के संत और भक्त भी यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा से पहले स्वर्ण झाडुओं से मार्ग की सफाई कर भगवान का स्वागत किया जाएगा।
:: पुरी की तर्ज पर निकलेगी यात्रा ::
अन्नपूर्णा मंदिर सभागृह में आयोजित तैयारियों की बैठक में इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष स्वामी महामनदास प्रभु ने बताया कि जगन्नाथ पुरी की परंपरा के अनुरूप इंदौर में भी रथयात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहरवासियों को भक्ति और सेवा से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
रथयात्रा अन्नपूर्णा मंदिर से नरेंद्र तिवारी मार्ग, रणजीत हनुमान मंदिर, महूनाका, छत्रीपुरा, बियाबानी, मालगंज चौराहा, मल्हारगंज, टोरी कॉर्नर, गोराकुंड और खजूरी बाजार होते हुए राजबाड़ा पहुंचेगी।
:: 50 मंचों से होगा स्वागत ::
रथयात्रा समिति के संयोजक हरि अग्रवाल, किशोर गोयल और अशोक गोयल तथा सहसंयोजक भावेश दवे ने बताया कि अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, खंडेलवाल समाज, चित्तौड़ा महाजन समाज, जैन समाज सहित विभिन्न वैश्य समाजों की ओर से 50 से अधिक मंचों पर स्वागत किया जाएगा।
यात्रा मार्ग में तोरण द्वार, फल वितरण, स्वल्पाहार और प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी। अनेक संस्थाओं ने सेवा कार्यों की जिम्मेदारी संभाल ली है।
बैठक में अन्नपूर्णा आश्रम के संचालक स्वामी जयेन्द्रानंद गिरि महाराज, मंदिर ट्रस्टी श्याम सिंघल सहित विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। राजेश बंसल, विशाल प्रभु, महाकाल प्रभु, प्रवीण मुरारका, श्रीनिकेतन दास, अद्विधरण दास और गिरधरगोपाल प्रभु ने रथयात्रा को इंदौर के लिए गौरव का अवसर बताते हुए इसे ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।
बैठक में पं. महेश शर्मा, धीरज गर्ग, विजय गोयनका, राजेंद्र मित्तल, देवेंद्र बंसल सहित सैकड़ों भक्तों ने यात्रा मार्ग में सेवा और स्वागत का संकल्प लिया।

