सर्वोच्च न्यायालय ने 6 पूर्व जजों को बनाया वरिष्ठ अधिवक्ता, मध्य प्रदेश के सुजॉय पॉल भी सूची में शामिल

मध्य प्रदेश

फुल कोर्ट की बैठक में लिया गया बड़ा निर्णय
नियमों के तहत तय हुआ नया वरिष्ठ अधिवक्ता पद

जबलपुर । सर्वोच्च न्यायालय ने फुल कोर्ट बैठक में देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों से सेवानिवृत्त 6 पूर्व न्यायाधीशों को वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा दिया है। यह फैसला अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 16(2) और वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम दिशा-निर्देश 2026 के अंतर्गत लिया गया है। पदनाम समिति के सचिव संजय कुमार के पत्र के मुताबिक यह आदेश 29 जुलाई 2026 से लागू होगा। इस खास सूची में पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अरविंद चंदेल सिंह, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दुप्पला रमणा वेंकट, तेलंगाना उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश एदा तिरुमला देवी, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश कृष्णा रामा प्रसाद, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार और कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल शामिल किए गए हैं।
देश के सर्वोच्च न्यायालय ने दी बड़ी जिम्मेदारी
देश के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और न्यायिक कदम उठाया है। न्यायालय द्वारा देश भर के विभिन्न उच्च न्यायालयों से सेवानिवृत्त हुए 6 पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया है। यह निर्णय न्यायपालिका के भीतर वरिष्ठता और अनुभव को सम्मानित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस संबंध में नियमों और प्रावधानों का पूरी तरह से पालन किया गया है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। न्यायालय की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह पूरा नामांकन अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 16(2) के प्रावधानों के तहत किया गया है। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम दिशा-निर्देश 2026 के नियमों को भी पूरी तरह से ध्यान में रखा गया है। यह पूरी प्रक्रिया 29 जुलाई 2026 को आयोजित की गई फुल कोर्ट की विशेष बैठक के दौरान तय की गई थी। इस बैठक में सभी वरिष्ठ न्यायविदों ने मिलकर इस पर अंतिम मुहर लगाई थी। सर्वोच्च न्यायालय के अपर रजिस्ट्रार एवं वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम समिति के सचिव संजय कुमार के हस्ताक्षर से जारी पत्र में इन सभी नामों की आधिकारिक घोषणा की गई है और यह तय किया गया है कि यह नया पदनाम 29 जुलाई 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा।
मध्य प्रदेश के सुजॉय पॉल का बढ़ा सम्मान
इस पूरी सूची में मध्य प्रदेश के लिए एक बेहद गर्व और खुशी का विषय भी जुड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुके सुजॉय पॉल का नाम इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। सुजॉय पॉल ने लंबे समय तक मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में एक न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं और अपने फैसलों तथा कार्यशैली के लिए वे हमेशा चर्चा में रहे हैं। मध्य प्रदेश में उनका कार्यकाल काफी लंबा और शानदार रहा है, जिसके बाद वे कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर भी नियुक्त हुए थे। अब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा दिए जाने को उनके पूरे न्यायिक जीवन के लंबे अनुभव, निष्ठा और विधि जगत में दिए गए उनके अमूल्य योगदान का बहुत बड़ा सम्मान माना जा रहा है। देश भर के न्यायिक और कानूनी समुदाय के बीच इस निर्णय को अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय माना जा रहा है। मध्य प्रदेश के कानूनी हलकों में भी इस घोषणा के बाद से काफी उत्साह का माहौल है और सभी लोग इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
6 पूर्व न्यायाधीशों को मिला नया वरिष्ठ पद
इस सूची में शामिल किए गए कुल 6 पूर्व न्यायाधीशों में देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के दिग्गज नाम शामिल हैं। इन सभी जजों ने अपने कार्यकाल के दौरान कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। सूची में पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अरविंद चंदेल सिंह का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दुप्पला रमणा वेंकट भी इस प्रतिष्ठित फेहरिस्त का हिस्सा हैं। तेलंगाना उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश एदा तिरुमला देवी को भी यह बड़ा सम्मान प्रदान किया गया है। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश कृष्णा रामा प्रसाद भी इस सूची में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार को भी इस पदनाम के लिए चुना गया है। इन सभी अनुभवी न्यायविदों के नाम शामिल होने से इस सूची का महत्व और अधिक बढ़ गया है। देश के वरिष्ठ वकीलों और जजों का मानना है कि इन सभी अनुभवी लोगों के वरिष्ठ अधिवक्ता बनने से अदालतों में कानूनी बहसों और मुकदमों के निपटारे में और अधिक गहराई तथा गुणवत्ता आएगी।