अब अमृत मित्र महिलाएं करेंगी पानी की पाइपलाइन लीकेज की पहचान और मरम्मत

मध्य प्रदेश

:: मध्यप्रदेश में देश का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू; भोपाल-इंदौर की 66 महिलाओं को दिया जा रहा तकनीकी प्रशिक्षण ::
भोपाल/इंदौर । मध्यप्रदेश में शहरी जल प्रबंधन को नई दिशा देने वाला देश का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। अब तक जल गुणवत्ता परीक्षण, पार्क मेंटेनेंस और पौधरोपण जैसे कार्यों से जुड़ी अमृत मित्र महिलाएं जल वितरण प्रणाली में लीकेज डिटेक्शन और पाइपलाइन मरम्मत जैसे तकनीकी कार्य भी करेंगी। इससे जहां जल हानि कम करने में मदद मिलेगी, वहीं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अवसर मिलेगा।
आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे ने बताया कि अमृत मित्र परियोजना के तहत महिलाओं को तकनीकी कौशल से जोड़ना शहरी जल प्रबंधन को सक्षम, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इसे देश का पहला पायलट प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि इससे महिलाएं गैर-तकनीकी कार्यों से आगे बढ़कर तकनीकी क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाएंगी।
केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अमृत 2.0 मिशन से जुड़े सलाहकार सुश्री उषा गर्ग और अरुण शर्मा ने प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर प्रतिभागी महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने इस पहल को जल संरक्षण, शहरी प्रबंधन और महिला कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया।
:: इंदौर से 30 और भोपाल से 36 महिलाओं का चयन ::
प्रदेश में अमृत मित्र परियोजना के तहत संचालित 482 परियोजनाओं में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं पहले से जल गुणवत्ता परीक्षण, पार्क रखरखाव और पौधरोपण जैसे कार्य कर रही हैं। अब परियोजना के विस्तार के तहत उन्हें जल वितरण व्यवस्था की तकनीकी जिम्मेदारियों से जोड़ा जा रहा है।
इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत इंदौर में 29 जुलाई और भोपाल में 6 अगस्त 2026 से की गई है। पहले चरण में इंदौर की 30 और भोपाल की 36 स्व-सहायता समूह महिलाओं का चयन किया गया है।
:: प्लंबर ट्रेड में मिल रहा प्रशिक्षण ::
महिलाओं को शासकीय संभागीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) भोपाल और इंदौर में प्लंबर ट्रेड के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में जल वितरण प्रणाली की संरचना, पाइपलाइन में लीकेज की पहचान, आधुनिक लीकेज डिटेक्शन तकनीक, उपकरणों का संचालन, पाइपलाइन मरम्मत, सुरक्षा मानक, गुणवत्ता नियंत्रण और फील्ड डॉक्यूमेंटेशन की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये महिलाएं नगरीय जलापूर्ति व्यवस्था में तकनीकी सहयोग देंगी। इससे पाइपलाइन लीकेज से होने वाली जल हानि को कम करने और जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।