बैंकों की हड़ताल शुरू

मध्य प्रदेश

० ५ दिनों तक बैंक रहेंगे बंद
० एटीएम बूथों में लगी भीड़
बिलासपुर । राष्ट्रव्यापी बैंक कर्मियों की हड़ताल का आज शहर में भी व्यापक असर दिखा। बैंकों में ताले लटके रहे। बैंक अधिकारी, कर्मचारियों ने रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं लोग लेनदेन संबंधी कार्य के लिए परेशान होते रहे। सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में ५ दिनों तक हड़ताल जारी रहेगी। फिलहाल तो शहर के सभी एटीएम में पर्याप्त राशि डाली गई है लेकिन कल से एटीएम भी ड्राई होने लगेंगे। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
राष्ट्रीयकृत बैंक ओल्ड इज प्रायवेट बैंक एवं ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी आज से हड़ताल पर चले गए। इस दौरान बैंक अधिकरी-कर्मचारी रिंग रोड पीएनबी बैंक से रैली निकालकर बिहारी टाकीज स्थित मुख्य शाखा स्टेट बैंक के सामने नारेबाजी एवं धरना प्रदर्शन किया। इस हड़ताल से बैंकों के कामकाज एवं लेनदेन प्रभावित रहा। राशि निकालने के लिए ज्यादातर एटीएम बूथों में नजर आए।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के आव्हान पर आज देश के २१ राष्ट्रीयकृत बैंकों समेत ६ ओल्ड एज प्राइवेट बैंक एवं ग्रामीण बैंकों के लगभग ३.२५ लाख अधिकारी हड़ताल पर रहें। ज्ञात हो कि देश के समस्त बैंक अधिकारियों की कुल सँख्या का ८५ प्रतिशत संख्या है। आज आईबॉक ने अकेले हड़ताल कर एक इतिहास बनाया हैं।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, छत्तीसगढ़ के सहायक महासचिव ललित अग्रवाल ने बताया कि एक नवंबर २०१७ से हमारा ११वां वेतनमान लागू किया जाना था। इसके लिए १५ महीने से बातचीत की जा रही है, पर आइबीए द्वारा दिया गया मात्र ८ प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव हमारे साथ मजाक जैसा है। स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के डीजीएस डी के हाटी ने बताया कि आईबॉक के अधिकारियों के हड़ताल पर रहने से बैंकिंग कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सत्येंद्र सिंह ने इसके लिए आइबीए को जिम्मेदार ठहराया। रायगढ़ से आये मनोरंजन परीडा ने बताया कि आईबॉक केवल स्केल-३ तक का वेतन समझौता किए जाने का विरोध करता है। पत्थलगांव से आये आकाश सिंह, विनिल गुप्ता ने बताया कि इससे पूर्व दसो वेतन समझौता में सदैव स्केल १ से स्केल ७ तक के अधिकारियों के लिए मेंडेड होता था। लैलूंगा से आये निर्मल कच्छप, रूपम रॉय ने बताया कि हम लगातार ज्ञापन सौंपने के साथ-साथ मांग करते रहे कि हमारी सम्मानजनक वेतन वृद्धि की जाए, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया, इस कारण आज हम हड़ताल हैं। मुंगेली से आये सुधीर कुजूर, शरद बघेल ने बताया कि वेतन वृद्धि बढ़े हुए एनपीए से जोड?ा तर्वâसंगत नहीं है। जबकि ८० प्रतिशत राशि का एनपीए बड़े व सक्षम उद्योगपतियों को दिए गए कर्ज में से है। अविनाश तिग्गा, पार्थाे घोष ने बताया कि हमारे मांग पत्र में न्यूनतम वेतन, कोर बिजनेस, एनपीए वसूली, चिकित्सा सुविधाओं में कटौती, स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम में बढ़ोत्तरी, नई पेंशन स्कीम को समाप्त करना, पेंशन अद्धतन पुनरीक्षण करना एवं पारिवारिक पेंशन में सुधार, ३ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों व ग्रामीण बैंकों के विलय का विरोध के साथ बैंक अधिकारियों पर पूरे देश में हो रहे हमले आदि मुद्दे शामिल हैं। आज के प्रदर्शन में वी के गुप्ता, कैलाश झा, वेंकट रमन, कैलाश अग्रवाल, प्रदीप महानन्द, हरनीत सिंह, अशोक सिंह, कुलदीप, आशुतोष सहित बड़ी सँख्या में विभिन्न बैंको के अधिकारी शामिल हुए।
मनोज
२.००
२२ दिसंबर २०१८

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