”पेपरबॉय के अधिमान्य पत्रकार बनने की कहानी
भीकनगांव(मुकेश राठौड़):- ”कौन कहता है आसमां में सुराख नही हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालों यारो।“ कवि दुष्यंत कुमार की इन पंक्तियो को गर कोई चुनौती मान लक्ष्य केन्द्रीत करले तो फिर शुन्य के शिखर तक सफर सहज तय हो जाता है। ठेठ आदिवासी अंचल भीकनगांव के एक युवा जिसने गरीबी और मजबुरीयो […]
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