लघुकथा ऑफिस में हड़कंप मचा हुआ था। मालिक ने रिटायर होनेवाले कर्मचारियों को पेंशन देने के…
Category: साहित्य
पिल्ला पीहर का
यूँ तो जीव-प्रेम के लिए पूरा शहर जे पी को बखूबी जानता था। उन्हें गली-मोहल्ले, यहाँ-वहाँ, …
भविष्य
“बताइए भैया! कौन सी किताब चाहिए? यहाँ कक्षा तीन से लेकर स्कूल-कॉलेज एवं प्रतियोगी पुस्तकें मिलती…
समीक्षा
मानवीय संवेगों की यथार्थ अभिव्यक्ति की विवशता का संग्रह ‘आई समटाइम्स थिंक दैट पीपल्स हार्ट्स आर…