मैं तीसरा प्रश्न हूँ
मैं उस प्रश्नपत्र का तीसरा प्रश्न हूँ, जिसे समाज ने पढ़े बिना ही छोड़ दिया। और मैं, सारी उम्र उसी प्रश्न का उत्तर खोजता रहा। मैंने देखा है, कैसे सभ्यताएँ चाँद पर झंडे गाड़ती हैं, और धरती पर मेरे लिए एक कुर्सी तक खाली नहीं छोड़तीं। मेरी हँसी को तमाशा समझा गया, मेरी चाल को […]
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