संजीव-नी।

इतनी खामोश हवाएं क्यों है ? इतनी खामोश हवाएं क्यों है, इतनी गमगीन फिजाएं क्यों है।…

बुत

अजीब मंजर है उस इलाके में अत्याचार के खिलाफ बोलते नहीं है जुबान वाले लोग वहां…

थोड़ा सा आदमी..

तलाश रही हूं सुबह से कहां-कहां नहीं दिखी , गली .. सड़क..पार्क.. कहीं तो नहीं मिला…

वार्तालाप 

झंडे के नीचे खामोश खड़ी वार्तालाप सुन रही थी, झंडे ने लहराकर गाया सारे जहां से…

एक और चाहिए 15 अगस्त

हां एक और चाहिए 15 अगस्त   आजादी के सालों बाद। उन गोरों से आजाद होकर…

निरपराध*

दर्द भूख का था,रोना गरीबी का चीख निकली छत-छप्पर का खून-अश्रु बहे तुच्छ तीतर का सोंचते…

मेरे हिन्द का सितारा

🌷🌷🌷🌷🌷 दुनिया में रंग था तब, जब साथ था तुम्हारा, जब साथ था तुम्हारा फिर आओ…

 गुणगान कैसे गाऊँ     . 

प्रभु आपकी कृपा का , गुणगान कैसे गाऊँ । छोटी है मेरि बुद्धी , कुछ भी…

अश्वत्थामा मरा नहीं

अश्वत्थामा सदा भ्रम में जिया जब उसके निर्धन पिता द्रोण ने आटे का घोल दिया अश्वत्थामा…

हम कब होगें आजाद दोस्तो

सुनता नहीं कोई फरियाद दोस्तो। हम कब होगें आज़ाद दोस्तो। कैसे रूक सकती है बेरोज़गारी। चोरों…